सगरामा इण संसार में माला मोटी बात,
धन्य जका नर फेरे, फेरे दिन और रात।
फेरे दिन और रात कमाई करे वे भारी,
या स्वर्ग में जावसी या फिर जन्म तैयारी।
ऊंचे ठिकाणे जन्म सी घणा जोड़ेला हाथ,
सगरामा संसार में माला मोटी वात ॥
भजन यूं करणा रे भायो निरभय होय नचीत ॥टेर॥
आसन पद्म में ध्यान लगावो तन मन इन्द्रियां जीत।
सिकल्प विकल्प मेट फुरणा तुर्या सोही अतीत॥
भजन यूं करणा रे भाईड़ो निर्भय होय नचीत ॥टेर॥
रवि-शशी का देख सरौदा, सुखमण कर प्रतीत।
अरद उरद बीच तार लगाने सूरत करो संगीत॥
भजन यूं करणा भाईड़ो निर्भय य होय नचीत ॥टेर॥
अगम भोम का ऐड़ा मोर्चा बांध लिया तन बीच।
भजन तोब शिखर गढ़ छुटी भागी भ्रम री भीत॥
भजन यूं करणा रे भाईड़ो निर्भय होय नचीत ॥टेर॥
सोलन शिखर में पागी चढ़िया वहां नहीं होवे शीत।
शशि भाण सतगुरु की शोभा बिन नेणा प्र-तीत॥
भजन यूं करणा रे भायो निर्भय होय नचीत ॥टेर॥
बिन कर नटवो ढोल बजावे, बिन साज संगीत।
बिना पावं के नटणी नाचे, बिन मुख गावे गीत॥
भजन यूं करणा भायो निर्भय होय नचीत ॥टेर॥
अदभुत खेल खिलाड़ी खेले, यह बेगम की रीत।
बाबुलाल सतगुरु की कृपा, बाजी लीनी जीत॥
भजन यूं करणा भायो निर्भय होय नचीत ॥टेर॥
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