सांभलो नी सायल बाबा रामदेवजी मारी रे

 सांभलो नी सायल 

बाबा रामदेव मारी रे,

आपरी तो सेवा माने 

लगे घणी प्यारी रे।

_______________________________


अजमल भक्ति किनी हद भारी रे 

तन मन तपस्या किनी करारी रे,

सांभलो नी सायल बाबा,

रामदेव मारी रे आपरी तो, 

सेवा माने लगे घणी प्यारी रे।

_______________________________

गढ़ गोकुल में काना गायो चराई रे,

मुरली री धुन बाबा मिठी बजाई रे। 

सांभलो नी सायल बाबा, 

रामदेव मारी रे आपरी तो,

सेवा माने लगे घणी प्यारी रे।

_______________________________


बालीनाथ जी रा दस्तखत भारी रे,

मारियो भेरव ने किनी किलकारी रे।

सांभलो नी सायल बाबा, 

रामदेव मारी रे आपरी तो,

सेवा माने लगे घणी प्यारी रे।

_______________________________


चौपट रमता बाबा भुजा पसारी रे,

वाणिया री जहाज समदा सू तारी रे,

सांभलो नी सायल बाबा, 

रामदेव मारी रे आपरी तो,

सेवा माने लगे घणी प्यारी रे।

_______________________________


हरि रा चरणा में भाटी हरजी बोले रे,

धोली धजा वालों बाबो अवतारी रे।

सांभलो नी सायल बाबा, 

रामदेव मारी रे आपरी तो,

सेवा माने लगे घणी प्यारी रे।

Comments